बलिया। जनपद के भलुही गांव में मंगलवार की देर रात एक गरीब परिवार की झोपड़ी में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पूरी झोपड़ी उसकी चपेट में आ गई। घटना में झोपड़ी में रखा घरेलू सामान, अनाज, कपड़े, बर्तन तथा एक बाइक जलकर राख हो गई। वहीं एक बछिया भी गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार के सामने रोजमर्रा के जीवन का संकट खड़ा हो गया है।जानकारी के अनुसार भलुही गांव निवासी नन्दु गोड़ अपने परिवार के साथ झोपड़ी में रहकर गुजर-बसर करते हैं। मंगलवार की रात परिवार के लोग खाना खाने के बाद सोने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक झोपड़ी से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। जब तक परिवार के लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया।ग्रामीणों ने बाल्टी और हैंडपंप के सहारे काफी मशक्कत कर आग बुझाने का प्रयास किया। घंटों की मेहनत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक झोपड़ी में रखा पूरा सामान जल चुका था। आग की चपेट में आकर परिवार की बाइक भी पूरी तरह जलकर राख हो गई। वहीं पास में बंधी एक बछिया गंभीर रूप से झुलस गई, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है पीड़ित नन्दु गोड़ ने बताया कि आग कैसे लगी, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि आग लगने से परिवार की पूरी गृहस्थी बर्बाद हो गई है। खाने-पीने का सामान, कपड़े और जरूरी कागजात तक जल गए हैं। घटना के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया हैघटना की सूचना मिलने पर स्थानीय राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू किया। राजस्व कर्मियों ने पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि परिवार को राहत मिल सके।गांव के लोगों का कहना है कि नन्दु गोड़ का परिवार बेहद गरीब है और मजदूरी करके जीवन यापन करता है। ऐसे में आग की इस घटना ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र मदद पहुंचाने की अपील की है।









