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सांसद निधि से 15 दिन पूर्व बने इंटरलॉकिंग की बारिश ने खोली पोल, 500 मीटर सड़क जगह-जगह धंसी, ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल

मऊ। विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का एक और मामला सामने आया है। विकासखंड फतहपुर मंडाव के लौवासाथ गांव में सांसद निधि से लगभग 15 दिन पूर्व बनाई गई 500 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क की बारिश ने गुणवत्ता की पोल खोल दी है। बीते शनिवार को हुई बारिश में नव निर्मित इंटरलॉकिंग जगह-जगह धंस गई और उखड़ गई। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

जानकारी के अनुसार लौवासाथ गांव में ग्रामीणों की मांग पर सपा सांसद घोसी राजीव राय के निधि से लगभग 500 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य को पूरा हुए महज 15 दिन ही हुए थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उन्हें कीचड़ भरे रास्ते से निजात मिलेगी। लेकिन बीते शनिवार को हुई हल्की बारिश में ही इंटरलॉकिंग सड़क की हकीकत सामने आ गई।

बारिश के बाद सड़क जगह-जगह से धंस गई, इंटरलॉकिंग ईंटें उखड़ गईं और पूरी सड़क पर गड्ढे बन गए। कहीं-कहीं तो सड़क बैठ जाने से आने-जाने का रास्ता ही बाधित हो गया है। जिस सड़क को लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था, वही अब लोगों के लिए मुसीबत बन गई है।

अमर नाथ साहनी, अंकुर साहनी ,राजन साहनी सहित ग्रामीणों का आरोप है कि इंटरलॉकिंग निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई है। मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया गया। सड़क के नीचे बालू और गिट्टी नहीं डाली गई और न ही जमीन को ठीक से दबाया गया, जिसके कारण हल्की बारिश में ही सड़क धंस गई।

ग्रामीणों ने कहा कि ठेकेदार ने केवल खानापूर्ति के लिए इंटरलॉकिंग लगा दी और बिल पास करा लिया। निर्माण के समय कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आया। ग्रामीणों ने बताया कि बनते समय ही उन्होंने घटिया निर्माण की शिकायत की थी, लेकिन ठेकेदार ने अनसुना कर दिया।

एक ग्रामीण ने बताया कि सांसद जी ने हमारे गांव के लिए पैसा दिया, लेकिन ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से सारा पैसा बर्बाद हो गया। 15 दिन में ही सड़क की यह हालत है तो 6 महीने बाद क्या होगा। यह सरकारी धन का दुरुपयोग है।

घटिया निर्माण से नाराज ग्रामीणों ने सांसद सहित उच्च अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से मामले की जांच कराने और दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क की गुणवत्ता की जांच तकनीकी टीम से कराई जाए और पुनः मानक के अनुसार सड़क का निर्माण कराया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

फिलहाल लौवासाथ की यह धंसी हुई इंटरलॉकिंग सड़क क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की पोल खोल रही है।

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पवन कुमार पाण्डेय
पवन कुमार पाण्डेय
प्रधान सम्पादक

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