Home मऊ प्रो. सोनिया नित्यानंद फिर बनीं केजीएमयू की कुलपति, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने...

प्रो. सोनिया नित्यानंद फिर बनीं केजीएमयू की कुलपति, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 3 वर्ष के लिए किया नियुक्त

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ यानी केजीएमयू को एक बार फिर प्रो. सोनिया नित्यानंद के रूप में अनुभवी नेतृत्व मिला है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. सोनिया नित्यानंद को तीन वर्ष की अवधि के लिए केजीएमयू का कुलपति नियुक्त किया है। शासन के इस फैसले से एक फिर जनपद मऊ की मर्यादपुर के मिश्रान की धरती गौरवान्वित हुई है । प्रो. सोनिया नित्यानंद मूल रूप से मर्यादपुर की निवासी है। नियुक्ति आदेश 09 अगस्त 2026 को जारी किया गया। कुलाधिपति कार्यालय से जारी आदेश संख्या ई-5404/जी0एस0 के अनुसार यह नियुक्ति किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय अधिनियम 2002 की धारा-16(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रो. सोनिया नित्यानंद कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष तक इस पद पर रहेंगी। प्रो. सोनिया नित्यानंद इससे पहले भी केजीएमयू की कुलपति रह चुकी हैं। उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने चिकित्सा शिक्षा, शोध और मरीजों की सेवा के क्षेत्र में कई नई ऊंचाइयां हासिल की थीं। उनके नेतृत्व में केजीएमयू में नई सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं शुरू हुईं, शोध को बढ़ावा मिला और कोविड काल में विश्वविद्यालय ने फ्रंटलाइन योद्धा की भूमिका निभाई थी। नियुक्ति की खबर मिलते ही विश्वविद्यालय परिसर में हर्ष का माहौल है। शिक्षकों, डॉक्टरों, कर्मचारियों और छात्रों ने प्रो. नित्यानंद को बधाई दी है। सभी का मानना है कि उनके अनुभव से केजीएमयू को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

0 KGMU की साख और बढ़ेगी: जानकार…
लखनऊ। चिकित्सा शिक्षा जगत के जानकारों का कहना है कि प्रो. सोनिया नित्यानंद का नाम चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में देशभर में जाना जाता है। वह हेमेटोलॉजी की विशेषज्ञ हैं और स्टेम सेल रिसर्च में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके नेतृत्व में केजीएमयू ने कई राष्ट्रीय प्रोजेक्ट हासिल किए और मरीजों के लिए बेहतर इलाज की सुविधाएं विकसित कीं।

एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि “पिछले कार्यकाल में उन्होंने विश्वविद्यालय को आधुनिक तकनीक से जोड़ा। अब तीन वर्ष के नए कार्यकाल में उनसे उम्मीद है कि केजीएमयू रिसर्च, नवाचार और मरीज सेवा में और आगे बढ़ेगा।छात्र संगठनों ने भी नियुक्ति का स्वागत किया है। छात्रों का कहना है कि प्रो. नित्यानंद हमेशा छात्र हितों के प्रति संवेदनशील रही हैं। उनके कार्यकाल में शैक्षणिक गुणवत्ता, हॉस्टल और अन्य सुविधाओं में सुधार हुआ था। वहीं मरीजों को भी उम्मीद है कि ओपीडी, इमरजेंसी और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं में और सुधार होगा।

0 चुनौतया…

सूत्रों के अनुसार प्रो. नित्यानंद के सामने नई चुनौतियां भी हैं। विश्वविद्यालय में नई चिकित्सा तकनीकों को अपनाना, शोध को उद्योग से जोड़ना, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और मेडिकल छात्रों को अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे।नियुक्ति आदेश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वागत समारोह और कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रो. सोनिया नित्यानंद औपचारिक रूप से अपना कार्यभार ग्रहण करेंगी।कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के इस निर्णय को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। सभी को उम्मीद है कि प्रो. सोनिया नित्यानंद के नेतृत्व में केजीएमयू देश के शीर्ष मेडिकल संस्थानों में अपनी जगह और मजबूत करेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here