मऊ। जनपद के मधुबन तहसील के शिक्षा क्षेत्र फतहपुर मंडाव के ग्राम तालरतोय में स्थित प्राथमिक विद्यालय आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। यहां पढ़ने आने वाले बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को रोजाना पगडंडियों के सहारे स्कूल पहुंचना पड़ता है। बरसात में हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि स्कूल तक कोई पक्का रास्ता नहीं है। चारों तरफ खेत हैं। बरसात के दिनों में खेतों में पानी भर जाने से कीचड़ और दलदल हो जाता है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों का स्कूल आना-जाना जोखिम भरा हो जाता है। कई बार अभिभावकों को बच्चों को गोद में लेकर या कपड़े ऊंचे कर पानी पार कराकर लाना पड़ता है। अभिभावकों ने बताया कि अगर एक दिन तेज बारिश हो जाए तो बच्चों को स्कूल भेजना ही मुश्किल हो जाता है।
समस्या सिर्फ रास्ते तक सीमित नहीं है। लगभग पांच महीने पहले विद्यालय के जर्जर भवन को विभाग द्वारा नीलाम कर दिया गया था। भवन का मलवा हटने के बाद से पूरा परिसर पूरी तरह बाउंड्रीवाल विहीन हो गया है। नाम न छापने की शर्त पर स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि बाउंड्रीवाल न होने के कारण स्कूल परिसर खुला छोड़ दिया गया है। दिन में आवारा पशु आकर कक्षा के सामने और बरामदे में बैठ जाते हैं। रात में सांप, बिच्छू जैसे विषैले जीव-जन्तुओं के आने का डर बना रहता है।
शिक्षकों की सबसे बड़ी चिंता स्कूल में रखे सामान को लेकर है। मिड डे मील के बर्तन, रजिस्टर, फर्नीचर और अन्य शैक्षणिक सामग्री की सुरक्षा नहीं हो पा रही। शिक्षकों का कहना है कि खुले परिसर के कारण कभी भी चोरी की घटना हो सकती है। कई बार सामान को ताले में बंद करके भी रखना पड़ता है, लेकिन स्थायी समाधान न होने से हर दिन आशंका बनी रहती है।
इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्राचार भी किया जा चुका है। शिक्षकों और ग्राम प्रधान द्वारा खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इस मामले में खण्ड शिक्षा अधिकारी फतहपुर मंडाव श्यामसुन्दर पटेल ने बताया कि बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। धनराशि अवमुक्त होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।










