मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में एसएसपी अविनाश पांडेय ने ऐसा औचक निरीक्षण किया कि पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले कप्तान साहब बिना किसी तामझाम के सीधे महिला थाने पहुंच गए। लेकिन वहां का नजारा देखकर वे भी हैरान रह गए। पूरे थाने की सुरक्षा सिर्फ एक महिला पुलिसकर्मी के भरोसे थी और वह भी कुर्सी पर गहरी नींद में सो रही थी।
कप्तान ने उसे जगाना भी जरूरी नहीं समझा। चुपचाप टेबल पर रखे क्राइम रजिस्टर और स्टाफ रजिस्टर उठाए और अपने कार्यालय लेकर चले गए। उधर कुछ देर बाद जब रिकॉर्ड मांगा गया तो महिला थाने में अफरा-तफरी मच गई। रजिस्टर गायब होने से सभी के हाथ-पांव फूल गए।
जब काफी खोजबीन के बाद भी रजिस्टर नहीं मिले तो पुलिसकर्मियों ने थाने के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज देखकर सबके होश उड़ गए। कोई चोर नहीं, बल्कि खुद एसएसपी अविनाश पांडेय ‘सिंघम स्टाइल’ में निरीक्षण कर रजिस्टर उठाकर ले गए थे।
लापरवाही पर कप्तान का डंडा भी तुरंत चला। महिला थाने में तैनात 19 महिला पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करते हुए जिले के अलग-अलग थानों में स्थानांतरित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में खलबली मची हुई है।
मेरठ की यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि जनता की सुरक्षा के लिए बने थानों में रात और तड़के के समय आखिर व्यवस्था कितनी चौकस रहती है। अगर हर जिले के एसपी और एसएसपी इसी तरह अचानक थानों की हकीकत परखने निकलें, तो शायद सोती हुई पुलिस व्यवस्था को जगाया जा सकें।









