मऊ। सावन माह में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। इसी क्रम में मधुबन के ऐतिहासिक शहीद स्मारक पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर सोमवार को जलाभिषेक और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। आयोजक अजय मद्धेशिया, पीयूष मद्धेशिया, सूरज जायसवाल और धरमू ठठेरा के द्वारा यह आयोजन किया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पर आना शुरू हो गया था। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने बारी-बारी से शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित कर पूजा-अर्चना की। पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक किया गया। मान्यता है कि शहीद स्मारक स्थित शिव मंदिर पर जल चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जलाभिषेक के बाद दोपहर से विशाल भंडारे का आयोजन शुरू हुआ, जो देर शाम तक चला। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन पिछले कई वर्षों से लगातार सावन के पावन अवसर पर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक भावना और भाईचारे को बढ़ावा देना है।आयोजक अजय मद्धेशिया ने बताया कि शहीद स्मारक हम सभी के लिए गौरव का प्रतीक है। यहां स्थित शिव मंदिर की अपनी अलग महत्ता है। सावन में यहां जलाभिषेक करने से युवाओं में धर्म और संस्कृति के प्रति जुड़ाव बढ़ता है। पीयूष मद्धेशिया और सूरज जायसवाल ने कहा कि भंडारे में सभी वर्ग के लोगों ने सहयोग किया। व्यापारियों, युवाओं और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम संपन्न हुआ।कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आयोजकों ने सुरक्षा और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर को फूल-मालाओं और लाइटों से सजाया गया था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वालंटियर तैनात किए गए थे। पेयजल और बैठने की भी उचित व्यवस्था की गई थी।










