0 राजस्व वसूली में तेजी लाने, बड़े बकायेदारों से प्रभावी वसूली एवं प्रवर्तन कार्रवाई बढ़ाने के दिए निर्देश।
0 बैठक में अनुपस्थिति पर अधिशासी अभियंता जल निगम (शहरी) का वेतन रोकने के दिए निर्देश
मऊ । जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कर-करेत्तर राजस्व वसूली एवं सीएम डैशबोर्ड पर आधारित अन्य राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली, प्रवर्तन कार्रवाई, आरसी वसूली तथा सीएम डैशबोर्ड पर विभागीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
कर-करेत्तर राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जुलाई माह में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष व्यापार कर में 58.50 प्रतिशत, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन में 88.85 प्रतिशत, परिवहन कर में 87.71 प्रतिशत, आबकारी में 78.96 प्रतिशत, वन में 40.13 प्रतिशत, खनन में 78.06 प्रतिशत, विद्युत देय में 57.47 प्रतिशत तथा शिक्षक, चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य में 80 प्रतिशत वसूली पाई गई।
जिलाधिकारी ने समस्त विभागों को मासिक एवं वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में वसूली नहीं हो पा रही है, उनके कारणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को 10 बड़े बकायेदारों की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
जिन विभागों में प्रवर्तन कार्रवाई की जाती है, उन विभागों को प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाते हुए राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने आबकारी, खाद्य, खनन, परिवहन तथा खाद्य एवं रसद विभाग सहित संबंधित विभागों को प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। जिला पूर्ति अधिकारी को पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसियों का नियमित सत्यापन करने तथा विभाग द्वारा की जा रही सकारात्मक कार्यवाहियों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “जो भी सकारात्मक कार्य किए जा रहे हैं, वह जनता को दिखाई भी देना चाहिए।”
स्टांप वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने वादों के निस्तारण की जानकारी लेते हुए तहसीलों से आरसी का मिलान कर वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही समस्त उप जिलाधिकारियों को आरसी वसूली की नियमित समीक्षा करने को कहा।
परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एआरटीओ को स्कूली वाहनों के विरुद्ध की गई प्रवर्तन कार्रवाई में पकड़े गए वाहनों की सूची जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि संबंधित वाहनों की क्रॉस चेकिंग की जा सके। उन्होंने बिना नंबर वाले ट्रकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
जिला आबकारी अधिकारी को नई दुकानों के लिए स्थलों का चिह्नीकरण कराते हुए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष आय में वृद्धि करने तथा खान निरीक्षक को आरसी की सूची सभी उप जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में खान निरीक्षक ने बताया कि 50 लाख रुपये की आरसी वसूली के सापेक्ष तहसीलों में अब तक 3 लाख रुपये से भी कम वसूली हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी उप जिलाधिकारियों को अमीनों के माध्यम से प्रभावी वसूली कराने के निर्देश दिए।
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा
सीएम डैशबोर्ड पर आधारित अन्य राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान एमओयू मॉनिटरिंग में बी, आबकारी विभाग के उत्पन्न राजस्व लक्ष्य में डी, मंडी आवक में बी, पीएम स्वनिधि योजना में सी, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के आईएमएसएस के अनुसार प्रवर्तन कार्य में बी, राजस्व विभाग के अंश संशोधन में बी, नाम संशोधन में बी, कुर्रा-बंटवारा में सी, नामांतरण में सी, भू-आवंटन पट्टा बोर्ड में सी तथा स्वामित्व डैशबोर्ड में सी ग्रेड पाया गया।
इसी प्रकार वित्त विभाग की सरकारी कर राजस्व समेकित योजना में सी तथा सरकारी गैर-कर राजस्व समेकित योजना में बी ग्रेड पाया गया। सरकारी गैर-कर राजस्व में पीडब्ल्यूडी, सिंचाई एवं गृह विभाग तथा सरकारी कर राजस्व समेकित योजना में परिवहन, खनन एवं आबकारी विभाग शामिल हैं।
एमओयू मॉनिटरिंग में बी ग्रेड पाए जाने पर जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को विशेष प्रयास करते हुए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।
प्राइवेट आईटीआई कॉलेजों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने प्राचार्य आईटीआई को जनपद एवं तहसील स्तरीय कमेटियां गठित कर कॉलेजों की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान विद्यार्थियों के नामांकन एवं उनकी वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन भी कराया जाए।
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर एवं घोसी को मंडियों का औचक निरीक्षण करने तथा मंडियों में अवैध वसूली करने वालों के विरुद्ध एफआईआर सहित कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निलंबित दुकानों को ग्रामीण स्तर पर बैठक कर नियमानुसार यथाशीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए।
नगर विकास एवं गरीबी उन्मूलन विभाग की अमृत योजना की समीक्षा के दौरान अधिशासी अभियंता, जल निगम नगरीय के अनुपस्थित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए।
पीएम स्वनिधि योजना में सी ग्रेड तथा बैंकों में अधिक लंबित प्रकरण पाए जाने पर जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर को अधिक लंबित मामलों वाले बैंकों की प्रतिदिन समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान गत माह 28 संदर्भ डिफॉल्टर पाए गए, जो निर्धारित समय-सीमा के बाद भी लंबित थे। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी तथा सभी संदर्भों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
फीडबैक की समीक्षा में लगभग एक-तिहाई फीडबैक असंतुष्ट पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को शिकायतकर्ताओं से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने तथा संतुष्ट फीडबैक में वृद्धि करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट रामबाबू, जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय, जिला आबकारी अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।










