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मऊ की बेटी अंजलि ने कबड्डी और रनिंग में मचाया धुम, उत्तराखंड टीम में हुआ चयन 0 ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची शहीद अक्षयवर मल्ल महिला पीजी कॉलेज की छात्रा

मऊ। जनपद मधुबन क्षेत्र के एक छोटे से गांव की बेटी ने अपने हौसले और मेहनत से यह साबित कर दिया है कि सुविधाओं की कमी प्रतिभा की उड़ान नहीं रोक सकती। अहिरौली नत्थूपुर निवासी रमेश कुमार की पुत्री अंजलि ने कबड्डी और एथलेटिक्स रनिंग में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर उत्तराखंड राज्य की टीम में चयनित होकर पूरे जनपद का नाम रोशन किया है।
शहीद अक्षयवर मल्ल महिला पीजी कॉलेज में बीए की छात्रा अंजलि की यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। खेल के क्षेत्र में बेटियों की सीमित भागीदारी के बीच अंजलि की सफलता यह संदेश देती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल दूर नहीं।
अंजलि का जन्म और पालन-पोषण मधुबन तहसील क्षेत्र के गांव अहिरौली में हुआ। पिता रमेश कुमार एक सामान्य कृषक परिवार से हैं। घर की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद अंजलि के माता-पिता ने बेटी की पढ़ाई और खेल दोनों को बराबर महत्व दिया।
अंजलि ने बताया, “मेरे पिताजी हमेशा कहते थे कि बेटी बोझ नहीं होती। जब मैंने कहा कि मुझे खेलना है, तो उन्होंने कभी मना नहीं किया। स्कूल के बाद खेत की पगडंडी पर ही मैं दौड़ लगाती थी। वहीं से मेरी रनिंग की शुरुआत हुई।”
गांव में कबड्डी लड़कों का खेल माना जाता था। लेकिन अंजलि को बचपन से ही टीम गेम पसंद था। मोहल्ले के लड़कों के साथ खेलते-खेलते उसने कबड्डी के दांव-पेंच सीख लिए। स्कूल के शारीरिक शिक्षक ने उसकी प्रतिभा को पहचाना और उसे जिला स्तर की टीम में शामिल कराया।
इंटरमीडिएट के बाद अंजलि का प्रवेश शहीद अक्षयवर मल्ल महिला पीजी कॉलेज में हुआ। इसी कॉलेज के खेल विभाग और कोचों के मार्गदर्शन में अंजलि ने अपने खेल को पेशेवर रूप दिया।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सुनीता सिंह ने बताया, “अंजलि बहुत अनुशासित छात्रा है। सुबह 5 बजे प्रैक्टिस के लिए ग्राउंड पर सबसे पहले पहुंचती थी। कबड्डी में उसकी रेड और डिफेंस दोनों मजबूत हैं। रनिंग में 400 मीटर और 800 मीटर उसकी मुख्य स्पर्धाएं हैं।”
कॉलेज प्रशासन ने अंजलि को खेल किट, यात्रा भत्ता और विशेष प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई। कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि बेटियों को अगर मंच दिया जाए तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जा सकती हैं। अंजली के चयन के बाद क्षेत्र के धीरेन्द्र मल्ल, डा. नासिर अली, हरिश्चन्द्र यादव, शंकर मद्धेशिया,आलोक बरनवाल, बबलू ठठेरा आदि ने घर पहुंचकर शुभकामना देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना किया।

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