मऊ। जनपद के मधुबन तहसील क्षेत्र के परदहा जमीन परदहा गांव में बुधवार को दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक आए भीषण आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण दो गरीब परिवारों के सिर से छत छिन गई और वे खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। तूफान इतना जबरदस्त था कि पीड़ित परिवारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्हें चौकी के नीचे छिपकर अपनी जान बचानी पड़ी। परदहा जमीन परदहा गांव निवासी मोहन यादव पुत्र छांगुर यादव पर इस आपदा का सबसे बड़ा असर पड़ा है। उनके छह बड़े कमरों पर लाखों रुपये की लागत से लगा एलवेस्डर शेड आंधी में तिनके की तरह टूटकर उड़ गया। घटना के वक्त घर में मौजूद महिलाओं ने सूझबूझ दिखाते हुए चौकी के नीचे शरण ली, जिससे उनकी जान बच सकी। पीड़ित मोहन यादव के अनुसार, इस तबाही में घर के भीतर रखा गेहूं, चावल और भूसा पूरी तरह बर्बाद हो गया है, जिससे उनका करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है।इसी गांव के एक अन्य पीड़ित धनंजय यादव पुत्र स्व. विजयी यादव के दो कमरों के मकान पर लगा हजारों रुपये का शेड भी आंधी-तूफान की चपेट में आकर हवा में उड़ गया। पीड़ित परिवार अब बेघर होकर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। अचानक आई आपदा से टूट चुके पीड़ित परिवारों ने तहसील प्रशासन से तुरंत मौके का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता देने की गुहार लगाई है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि आंधी-तूफान से हुए नुकसान का संज्ञान लिया गया है। राजस्व टीम को मौके पर भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द सरकारी सहायता प्रदान की जा सके।












