मऊ। जनपद के मधुबन नगर पंचायत वार्ड नं 5 की बहू प्रियंका सिंह ने सफलतापूर्वक पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त कर अपने परिवार, समाज एवं जिले का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष, गर्व एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। प्रियंका सिंह का शोध कार्य “शैक्षिक उपलब्धि एवं बुद्धि लब्धि के संदर्भ में माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की ऑनलाइन शिक्षण के प्रति अभिवृत्ति का अध्ययन” विषय पर अपना शोधकार्य पूर्ण किया। यह शोधकार्य जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के अंतर्गत शोध निर्देशक प्रोफेसर मान सिंह के कुशल मार्गदर्शन, प्रेरणादायी निर्देशन एवं सतत सहयोग से पूर्ण हुआ। शोध यात्रा के दौरान प्राप्त उनके मार्गदर्शन एवं प्रेरणा ने इस सफलता को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शोधार्थी की मौखिक परीक्षा दिनांक 29.04.2026 को सम्पन्न हुई, जिसमें बाह्य परीक्षक प्रोफेसर दिनेश कुमार, (संकायाध्यक्ष) शिक्षा संकाय, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ उपस्थित रहे। उन्होंने शोधकार्य की सराहना करते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र के लिए उपयोगी एवं महत्वपूर्ण बताया।
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय प्रियंका सिंह ने अपने पिता श्री भीम सिंह, माता श्रीमती प्रमेन्द्र मल्ल (पूर्व प्रधानाध्यापिका, ईश्वरपुरा, देवरिया), नाना श्री ब्रह्मानन्द मल्ल, ससुर श्री संजय कुमार मल्ल (पूर्व कुलसचिव, प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय), श्री ओमप्रताप मल्ल, सासू मां श्रीमती अनीता सिंह एवं श्रीमती सुशीला देवी तथा अपने पति श्री कुन्देश कुमार मल्ल के निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन एवं आशीर्वाद को दिया है। पीएच.डी. उपाधि प्राप्ति का समाचार मिलते ही परिवार, मित्रों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके ज्येष्ठ श्री गणेश मल्ल, जेठानी श्रीमती आरती मल्ल (अध्यक्ष, मधुबन नगर पंचायत), भाई शिवम सिंह एवं मामा श्री दिलीप कुमार मल्ल सहित अनेक शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
शिक्षकों, बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों ने इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि अब डॉ. प्रियंका सिंह की यह सफलता युवा पीढ़ी, विशेषकर छात्राओं एवं शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। उनकी यह उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि दृढ़ संकल्प, सतत परिश्रम एवं परिवार के सहयोग से जीवन का प्रत्येक लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।









