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फूलन देवी के पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि ,कहां अन्याय और अत्याचार के खिलाफ समर्पित कर दिया जीवन

मऊ। जनपद के मधुबन तहसील क्षेत्र के खीरीकोठा में रविवार को पूर्व सांसद और ‘बैंडिट क्वीन’ के नाम से प्रसिद्ध फूलन देवी की पुण्यतिथि पर निषाद समाज द्वारा एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग, महिलाएं और युवा शामिल हुए और फूलन देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।
इस सभा के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और निषाद समाज के प्रमुख चेहरा लौटन राम निषाद रहें। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में सपा के प्रवक्ता तूफानी निषाद मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता और आयोजन डॉ. वीरेंद्र कुमार निषाद ने किया।
मुख्य अतिथि लौटन राम निषाद ने कहा कि फूलन देवी ने विषम परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। “उन्होंने जेल से निकलकर सीधे संसद तक का सफर तय किया। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। निषाद, मल्लाह और अन्य पिछड़े समाज के लोगों को उनसे सीख लेकर राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में आगे आना चाहिए।”
उन्होंने समाजवादी पार्टी की सरकारों द्वारा पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के लिए चलाई गई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध रही है। “आज जरूरत है कि हम अपने बच्चों को शिक्षित करें और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाएं। तभी फूलन देवी को सच्ची श्रद्धांजलि मिलेगी।” मुख्य अतिथि ने संजय निषाद पर निशाना साधते हुए उन्हें समाज को धोखा देने और ठगने का आरोप लगाया।
विशिष्ट अतिथि सपा प्रवक्ता तूफानी निषाद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि फूलन देवी ने साबित किया कि अगर नीयत साफ हो और हौसला बुलंद हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं है। उन्होंने कहा कि आज महिलाओं पर होने वाले अत्याचार को रोकने के लिए हमें फूलन देवी के साहस को याद रखना होगा।
फूलन देवी ने बताया कि अत्याचार सहना भी उतना ही बड़ा अपराध है जितना अत्याचार करना। इसलिए बेटियों को शिक्षित करें, उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं और अन्याय के खिलाफ बोलना सिखाएं,” ।
सभा को संबोधित करते हुए आयोजनकर्ता डॉ. वीरेंद्र कुमार निषाद ने कहा कि फूलन देवी केवल एक नाम नहीं, बल्कि दलित, शोषित और वंचित समाज के लिए संघर्ष और स्वाभिमान की मिसाल थीं। उन्होंने कहा, “फूलन देवी ने उस दौर में आवाज उठाई जब गरीब और पिछड़े वर्ग की बात कोई सुनने को तैयार नहीं था। उन्होंने अन्याय के खिलाफ हथियार उठाया और बाद में संसद में जाकर उसी समाज के हक की बात की। वह महिलाओं के सशक्तिकरण का भी प्रतीक हैं।”
कार्यक्रम के आयोजक डॉ. वीरेन्द्र निषाद ने कहा कि आज भी समाज में भेदभाव और शोषण की घटनाएं होती हैं। ऐसे में फूलन देवी के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें शिक्षा, एकता और संगठन के रास्ते पर चलना होगा। “अगर हमें अपने अधिकार चाहिए तो हमें एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी, यही फूलन देवी का संदेश था।”
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने फूलन देवी के बताए रास्ते पर चलने और समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर समाज के दर्जनों पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर सपा जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि चन्द्रमणि यादव गुड्ड, पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाहा,रामायन यादव, चन्द्रेश साहनी , डा.अशोक साहनी, रामप्रवेश साहनी , अप्पू मौर्य आदि रहें।

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