मऊ। जनपद में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन ने मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन विसर्जन घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। इस परियोजना के पूर्ण होने की तिथि 24 फरवरी 2026 थी, परंतु अब इसकी संभावित तिथि 15 जुलाई 2026 हो गई है।
जिलाधिकारी ने कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई तथा निर्माण कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं तथा किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उक्त परियोजना की कुल लागत 247.42 लाख रुपये है। परियोजना का कार्य प्रारंभ करने की तिथि 25 मई 2025 निर्धारित थी तथा इसे पूर्ण करने का लक्ष्य 24 फरवरी 2026 तय किया गया था। परियोजना पर अब तक कुल 163.72 लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं तथा कार्य की भौतिक प्रगति लगभग 65 प्रतिशत है। इस पर जिलाधिकारी ने अपेक्षित प्रगति न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी अवशेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने नगर विकास विभाग के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी रखें तथा समन्वय स्थापित कर परियोजना को समय से पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में शिथिलता किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण कराया जाना प्राथमिकता होगी। इस दौरान अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार, कार्यदाई संस्था के सहायक अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।












