Home मऊ जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न

0 जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं एवं मृतकों की संख्या में कमी लाने के दिए निर्देश।

मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालन आख्या, सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, ब्लैक स्पॉट, प्रवर्तन कार्रवाई, स्कूली वाहनों के फिटनेस, हेलमेट एवं यातायात नियमों के अनुपालन सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
पिछली बैठक के कार्यों की अनुपालन आख्या की समीक्षा के दौरान NHAI गोरखपुर के परियोजना निदेशक की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने चिन्हित होल्डिंग एरियाज के नोटिफिकेशन की कार्रवाई अभी तक प्रारंभ न होने तथा वित्तीय वर्ष 2020-22 के बीच किसानों के मुआवजा स्वीकृति संबंधी कार्य लंबित होने पर उपस्थित प्रतिनिधि को शीघ्र निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्रवाई पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने होल्डिंग एरियाज के नोटिफिकेशन की कार्रवाई भी तत्काल प्रारंभ कराने को कहा। साथ ही NHAI गोरखपुर के परियोजना निदेशक को अगले दिन स्वयं उपस्थित होकर प्रकरण के संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
मॉडिफाई साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न एवं हूटर के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी ने बताया कि मॉडिफाई साइलेंसर के विरुद्ध 100, प्रेशर हॉर्न के विरुद्ध 51 चालान किए गए हैं, जबकि हूटर के विरुद्ध कोई चालान नहीं किया गया। इस पर जिलाधिकारी ने अवैध हूटर के प्रयोग के विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जब्त किए गए मॉडिफाई साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न एवं अन्य उपकरणों को रोलर के माध्यम से नष्ट कराए जाने तथा इसकी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए, ताकि लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़े।
‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ के संबंध में जिलाधिकारी ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बैठक आयोजित कर व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को जनपद के समस्त पेट्रोल पंप संचालकों की सूची एवं उनके मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही पेट्रोल पंपों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नियमित जांच करते हुए बिना हेलमेट वाहन चालकों को पेट्रोल उपलब्ध कराने की स्थिति में संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्कूल बसों एवं अन्य स्कूली वाहनों के फिटनेस की समीक्षा के दौरान एआरटीओ ने बताया कि जुलाई माह में 185 स्कूली वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा फिटनेस समाप्त हो चुके 117 स्कूली वाहनों को नोटिस जारी की गई है। जिलाधिकारी ने स्कूली वाहनों की फिटनेस को लेकर अभियान लगातार चलाने तथा अभियान समाप्त होने के बाद भी रैंडम चेकिंग जारी रखने के निर्देश दिए।
विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिए कि ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक बेसिक कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कराए जाएं। बजट प्राप्त होने के उपरांत सभी महत्वपूर्ण कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि पर जताई चिंता, ओवर स्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश
जुलाई माह की सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा के दौरान सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी सौरभ ने बताया कि जुलाई 2025 में 16 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि जुलाई 2026 में 29 दुर्घटनाएं हुईं, जो लगभग 81.25 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी प्रकार जुलाई 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में 8 लोगों की मृत्यु हुई थी, जबकि जुलाई 2026 में 10 लोगों की मृत्यु हुई।
समीक्षा में सामने आया कि सड़क दुर्घटनाओं एवं उनमें होने वाली मौतों का प्रमुख कारण ओवर स्पीडिंग रहा। इस पर जिलाधिकारी ने यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग को ओवर स्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रंकन ड्राइव के विरुद्ध भी विशेष अभियान चलाने को कहा।
विभिन्न श्रेणी की सड़कों पर हुई दुर्घटनाओं की समीक्षा में पाया गया कि सर्वाधिक दुर्घटनाएं ODR श्रेणी की सड़कों पर हुईं। जुलाई 2025 में ODR मार्गों पर 9 दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि जुलाई 2026 में यह संख्या बढ़कर 13 हो गई। मृतकों की संख्या भी ODR मार्गों पर अधिक पाई गई।
जिलाधिकारी ने ODR मार्गों पर विशेष ध्यान देते हुए पिछले 3-4 माह में हुई सड़क दुर्घटनाओं का स्थलवार अवलोकन कर दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्रवर्तन कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश
परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा में बताया गया कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर 285, बिना सीट बेल्ट 44, रॉन्ग साइड 62, ड्रंकन ड्राइव 5, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग पर 13 तथा ओवरलोडिंग के 11 मामलों में कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी ने एआरटीओ को बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई में तेजी लाने के साथ-साथ अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने लाइसेंस निलंबन एवं बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कम कार्रवाई पाए जाने पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए अगले माह से प्रवर्तन कार्रवाई में तेजी लाने को कहा। इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन उपकरणों से की गई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान उन्होंने आरोपित शुल्क के सापेक्ष वास्तविक वसूली का विवरण भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
यातायात पुलिस की कार्रवाई को बनाए रखें अनवरत
यातायात पुलिस द्वारा जुलाई माह में की गई प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा में बताया गया कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग पर 58, बिना हेलमेट 9,383, दोपहिया वाहन पर तीन सवारी 1,139 तथा पार्किंग नियमों के उल्लंघन पर 1,912 सहित विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन में कुल 16,297 चालान किए गए।
जिलाधिकारी ने यातायात पुलिस की कार्रवाई को संतोषजनक बताते हुए इसे अनवरत बनाए रखने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच की समीक्षा के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गत माह कोई भी नेत्र स्वास्थ्य जांच कैंप आयोजित न किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नियमित रूप से नेत्र स्वास्थ्य जांच कैंप आयोजित करने तथा इस कार्य में निजी चिकित्सकों का भी सहयोग लेने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला सड़क सुरक्षा समिति का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं तथा उनमें होने वाली मौतों को कम करना है। उन्होंने NHAI गोरखपुर एवं गाजीपुर के अधिकारियों को उनके क्षेत्र में चिन्हित ब्लैक स्पॉट का स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करने तथा वहां की कमियों को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आमजन सुरक्षित यात्रा कर सके, इसके लिए सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए तथा कराए जा रहे कार्यों के फोटोग्राफ्स एवं जियो-टैगिंग सहित विवरण उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने यातायात पुलिस एवं एआरटीओ को प्रवर्तन कार्रवाई में और तेजी लाने, विशेष रूप से एआरटीओ स्तर पर कम पाए गए प्रवर्तन कार्यों को बढ़ाने तथा पेट्रोल पंपों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी श्री दिनेश कुमार, एआरटीओ श्री सोहेल अहमद, यातायात निरीक्षक सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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