मऊ । जनपद के मधुबन नगर पंचायत में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। नगर पंचायत की अध्यक्षा आरती मल्ल, चेयरमैन प्रति प्रशांत मल्ल उर्फ गणेश मल्ल तथा कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। नगर पंचायत मधुबन में अवैध मिट्टी खनन, सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और सरकारी धन के कथित बंदरबांट का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि नगर पंचायत के ट्रैक्टर और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल अवैध मिट्टी खनन के लिए किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।”
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का उपयोग निर्धारित विकास कार्यों के बजाय मनमाने ढंग से किया गया। साथ ही विकास कार्यों में पक्षपात बरतते हुए केवल कुछ चुनिंदा वार्डों को प्राथमिकता दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।”मामला यहीं नहीं रुकता। शिकायत में कहा गया है कि नगर पंचायत के सफाई कर्मियों से सार्वजनिक कार्यों के बजाय निजी कार्य कराए जा रहे हैं, जिसके कारण कई वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके अलावा सफाई कर्मियों की नियुक्ति में भी कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।”शिकायतकर्ता ने चेयरमैन पति प्रशांत मल्ल उर्फ गणेश मल्ल पर भी कार्यालय के कार्यों में हस्तक्षेप करने और आम जनता व कुछ सभासदों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि कार्यालय में बिना किसी आधिकारिक पद के प्रभावशाली भूमिका निभाई जा रही है, जिससे कई जनप्रतिनिधि असहज महसूस कर रहे हैं।”शिकायत में नगर पंचायत अध्यक्षा आरती मल्ल, चेयरमैन पति प्रशांत मल्ल उर्फ गणेश मल्ल, अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार वर्मा, लिपिक आशीष कुमार यादव समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच और विधिक कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।”










