मऊ । जनपद के थाना क्षेत्र के ग्राम कुण्डाशरीफपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दबंगई और मारपीट का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। गांव के ही काली माता मंदिर पर आयोजित एक भंडारे के कार्यक्रम के दौरान चार युवकों ने एक छात्र और उसके साथियों पर धारदार हथियार व लात-घूंसों से प्राणघातक हमला कर दिया। इस हमले में पीड़ित युवक बाल-बाल बचा। बीती 24 मई 2026 की रात लगभग 11 बजे गांव के काली माता मंदिर परिसर में भंडारे का कार्यक्रम चल रहा था। गांव का ही निवासी और पेशे से छात्र दीक्षान्त सिंह पुत्र स्व. सुनील सिंह अपने साथियों उदयप्रताप सिंह, पीयूष सिंह, जगदंबा सिंह, चंद्रशेखर सिंह, विपुल सिंह और टुन्नू सिंह आदि के साथ कार्यक्रम में मौजूद था। दीक्षान्त वहां मोबाइल से कार्यक्रम की वीडियो बना रहा था।
आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही वीरबहादुर सिंह पुत्र अखिलेश, अनंत सिंह पुत्र राणाप्रताप, नवनींत सिंह पुत्र राणा प्रताप और राहुल सिंह पुत्र स्व. अनिल सिंह अत्यधिक शराब के नशे में धुत होकर वहां पहुंचे। चारों आरोपियों ने कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर पहले छींटाकशी शुरू की और फिर वीडियो बनाने की बात पर भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे।
जब छात्र दीक्षान्त और उसके साथियों ने इस अभद्रता का कड़ा विरोध किया, तो चारों आरोपियों ने मिलकर उन पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने धारदार हथियार निकाल लिए और लात-घूंसों के साथ दीक्षान्त पर प्राणघातक हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर बीच-बचाव करने आए दीक्षान्त के साथियों ने किसी तरह घेरा बनाकर उसकी जान बचाई।घायल पक्ष द्वारा तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करके पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस को सूचित किए जाने की भनक लगते ही आरोपी आपा खो बैठे और पीड़ितों को दोबारा सामने आने पर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
इस पूरे मामले को लेकर घायल छात्र दीक्षान्त सिंह ने मधुबन थाना प्रभारी को लिखित तहरीर सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा पंजीकृत करने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।












